तोड़ चुकी हैं सच‍िन का र‍िकॉर्ड, मह‍िला क्र‍िकेट में चर्चा का केंद्र बनीं 15 वर्षीय Shafali Verma

Shafali Verma: रोहतक की शेफाली वर्मा (Shafali Verma)को भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women Cricket Team) का अगला सुपर स्टार बताया जा रहा है. बेहद कम उम्र में शेफाली ने कुछ खास र‍िकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर ल‍िए हैं. शैफालीT20 खेलने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी है. 15 साल की विकेटकीपर और ओपनर शेफाली ने इसी महीने वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ अर्धशतक बनाया और सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने का सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. दिलचस्प बात है कि बचपन में कई बार वे लड़कों के तरह 'गेटअप' में मैच खेल आती थीं. शेफाली के पिता पेशे से सुनार हैं. कभी खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे. वे ऐसा नहीं कर पाए तो उन्‍होंने बेटी और बेटे के जरि‍ये अपना ख़्वाब पूरा करने की ठान ली.
हालांक‍ि इस राह में न केवल शेफाली बल्‍कि उनके प‍िता संजीव वर्मा को काफी संघर्ष करना पड़ा. रोहतक जैसे शहर में लड़कियों का क्रिकेट खेलना भी कम बड़ी बात नहीं थी. शुरुआत में लड़कियों के लिए एकेडमी नहीं थी. शेफ़ाली कई बार लड़के के गेटअप में अभ्यास के लिए जाती थी. इसके लिए पिता ने उनके बाल भी छोटे करवा दिए थे. शेफाली से जुड़ा एक क‍िस्‍सा तो बड़ा द‍िलचस्‍प है. एक बार भाई बीमार पड़ा तो उसकी जगह मैच खेल आई और किसी को पता भी नहीं चल सका.अश्विनी कुमार और वीरेंद्र शर्मा इस सफर में शेफाली के कोच रहे हैं.
दिल्ली से 70 किलोमीटर दूर हरियाणा के छोटे से शहर रोहतक से अपना सफर शुरू करके शेफाली आज भारतीय महिला टीम की खास सदस्‍य बन गई हैं. इसी माह 10 नवंबर को वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ सेंट लुसिया में T20 मैच में शेफाली ने धूम मचाई. दाएं हाथ की इस सलामी बल्लेबाज ने 49 गेंद पर 73 रन की पारी खेली. सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ते हुए शेफाली अर्धशतक बनाने वाली भारत की सबसे युवा क्रिकेटर बनीं. संयोग देख‍िए सच‍िन तेंदुलकर को ही शैफाली अपना आदर्श मानती हैं. सच‍िन का खेल देखकर ही वे क्र‍िकेट के प्रत‍ि आकर्ष‍ित हुई थीं. सेंट लूस‍िया के इस मैच में स्मृति मंधाना के साथ 143 रन की साझेदारी कर शेफ़ाली ने T20 में भारत के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड भी बना डाला. शेफाली का इंटरनेशनल कर‍ियर अभी छोटा ही है लेक‍िन उनकी कामयाबी ने रोहतक के बच्चों में जोश भर दिया है. आज आलम यह है क‍ि यहां हर कोई 'शेफाली दीदी' जैसा बनना चाहता है.

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